एक शब्द नही
एक वर्ण नही
एक जाति या
सम्प्रदाय नही
और ना ही किसी वर्ग
या धर्म विशेष का
परिचायक स्लोगन है।
जय भीम
एक नई
क्रांति है
सोच है
शोध है
ताकत है
हौसला है
चेतना है
चिन्तन व
प्रेरणा है।
जय भीम
नये युग
नये दौर
नये प्रयोग
नये सिध्दांत
व परिवर्तन का
सूत्र है।
जय भीम
किसी चीज को
देखने का
एक अलग
अंदाज़ है
नज़रिया है
दृष्टि है
दर्शन है।
जय भीम
पर्याय है
न्याय का
कानून का
संविधान का
शिक्षा
ज्योति व
ज्ञान का।
जय भीम
पर्याय है
संघर्ष का
सम्मान का
एकता
बंधुत्व व
समता का।
जय भीम
प्रतिकूल है
अन्याय के
अत्याचार के
ऊंच-नीच
भेदभाव
छूआछूत
शोषण
ज़ुल्म व
गुलामी के।
जय भीम
प्रतिकूल है
सदियों से
चली आ रही
परम्परागत
रीति-रिवाज
अंधविश्वास
पाखंड व
टोना टोटका के।
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नरेन्द्र सोनकर ‘कुमार सोनकरन’
इलाहाबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय प्रयागराज।
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